सालाना 8% की दर से बढ़ रहे भारत के एयरोसोल सेक्टर को छठे ‘इंडिया एयरोसोल एक्सपो 2025 (IAE2025)' से मिलेगा बढ़ावा, 28 फरवरी से 1 मार्च 2025 के दौरान मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में होगा आयोजन

o पर्सनल केयर, कल-कारखाने, खेती और FMCG सेक्टर की वजह से इस "बारहमासी" रिसायकल इंडस्ट्री का तेजी से विकास हो रहा है।

o साल 2023 में एरोसोल का घरेलू बाज़ार 635 मिलियन अमेरिकी डॉलर का था, और अनुमान है कि साल 2031 तक यह 1 (एक) बिलियन अमेरिकी डॉलर के आँकड़े को पार कर जाएगा। 


मुंबई के बीकेसी में स्थित जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में 28 फरवरी से 1 मार्च 2025 तक आयोजित होने वाले छठे इंडिया एरोसोल्स एक्सपो (IAE2025) में बड़ी संख्या में देश विदेश की कंपनियां भाग लेंगी। IAE2025 भारत में एरोसोल (स्प्रे) इंडस्ट्री से ताल्लुक रखने वाला इकलौता ट्रेड-शो है, जिसमें पर्सनल केयर, हेल्थ केयर, ऑटो केयर, एग्री केयर, होम केयर स्प्रे प्रोडक्ट्स, पेंट स्प्रे, इंडस्ट्रियल लुब्रिकेंट्स, क्लीनर और कोटिंग स्प्रे का प्रदर्शन किया जाएगा। इस ट्रेड शो में देश और दुनिया में एरोसोल इंडस्ट्री के बड़े-बड़े दिग्गज और इनोवेटर्स एकजुट होंगे। 


एरोसोल्स प्रमोशन काउंसिल (APC) की ओर से हर दो साल में इस बेमिसाल ट्रेड-शो का आयोजन किया जाता है, जो एरोसोल इंडस्ट्री में इनोवेशन को दुनिया के सामने लाने वाला सबसे शानदार बिजनेस प्लेटफार्म है। इस ट्रेड-शो में एरोसोल्स से संबंधित अलग-अलग तरह के प्रोडक्ट्स, इनपुट, टेक्नोलॉजी और मशीनरी की एक बड़ी रेंज का प्रदर्शन किया जाता है। आज पूरी दुनिया में पैकेजिंग के सस्टेनेबल तरीकों पर ज़्यादा ध्यान दिया जा रहा है। इसकी वजह से "साल भर रिसायकल करने योग्य” एरोसोल कैन इंडस्ट्री को बढ़ावा मिल रहा है, और यह बात बीते कुछ सालों में इस क्षेत्र के लगातार हो रहे विकास से जाहिर होती है।


APC के माननीय सचिव एवं उपाध्यक्ष, श्री हरीश अरोड़ा कहते हैं, "IAE 2025 में लगातार बड़ी तेजी से आगे बढ़ रहे इस क्षेत्र में इनोवेशन, सस्टेनेबिलिटी और विकास पर अधिक ध्यान दिया गया है। उम्मीद है कि, पर्सनल केयर, हेल्थ-केयर एवं फार्मास्यूटिकल्स, होम केयर, ऑटो केयर, पेंट और केमिकल इंडस्ट्रीज के साथ-साथ दूसरे कई क्षेत्रों के वरिष्ठ स्तर के खरीदार नए-नए पैकेजिंग सॉल्यूशंस के बारे में जानने या प्रदर्शकों से प्राइवेट लेबल एयरोसोल की सोर्सिंग के लिए यहाँ आएंगे।" ग्राहकों के रवैये में तेजी से हो रहे बदलावों, अतिरिक्त खर्च के लिए बढ़ती आमदनी और सस्टेनेबिलिटी पर अधिक जोर दिए जाने से उत्साहित होकर भारत में एरोसोल सेगमेंट सालाना लगभग 8% की दर से बढ़ रहा है। वास्तव में, पर्सनल केयर, खेती, कल-कारखानों तथा FMCG क्षेत्रों में जबरदस्त विकास से इसे बढ़ावा मिला है। साल 2023 में एरोसोल का घरेलू बाज़ार 635 मिलियन अमेरिकी डॉलर का था, और अनुमान है कि साल 2031 तक यह 1 (एक) बिलियन अमेरिकी डॉलर के आँकड़े को पार कर जाएगा।


एरोसोल को स्प्रे, स्ट्रीम, जैल, फोम, लोशन या गैस के रूप में धातु, काँच या फिर आजकल इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के कंटेनरों से भी प्रोडक्ट को आसानी से बाहर निकलने के लिए डिज़ाइन किया गया है। इनका उपयोग घरेलू प्रोडक्ट्स जैसे कि एयर फ्रेशनर, हेयर स्प्रे, सैनिटाइजर, परफ्यूम, ड्राई शैंपू, इन्सेक्ट रिपेलेन्ट्स, डिओडोरेंट, क्लीनिंग एजेंट, कार कॉस्मेटिक्स, पेंट और वार्निश आदि में किया जाता है, साथ ही हेल्थ-केयर में भी इनका उपयोग कीटाणुनाशक, इन्हेलर, पेन रिलीफ, एनेस्थेटिक प्रोडक्ट्स आदि के रूप में किया जाता है। वे कल-कारखानों में रखरखाव से संबंधित उपयोगों के अलावा खेती में कीटनाशकों के इस्तेमाल और कीटनाशकों के छिड़काव में भी बहुत लोकप्रिय हैं।


इस एक्सपो में देश व दुनिया के मौजूदा ट्रेंड को उजागर करने वाले सेमिनार और सम्मेलनों के साथ-साथ प्रोडक्टिविटी बढ़ाने और भविष्य में विकास के लिए टेक्नोलॉजी में इनोवेशन पर पैनल चर्चा का भी आयोजन किया जाएगा, जो एक्जीबिटर्स और ट्रेड विजिटर्स के लिए इसे और भी मूल्यवान बना देंगे। संयुक्त उद्यमों, मार्केटिंग में साझेदारियों, थोक सौदों और/या भारत में कांट्रैक्ट मैन्युफैक्चरिंग के लिए भागीदारों की तलाश करने वाली अंतर्राष्ट्रीय कंपनियाँ भी इस अनोखे ट्रेड शो में बड़ी संख्या में मौजूद होंगी। अधिक जानकारी के लिए www.iae2025.in पर जाएँ या info@iae2025.in पर संपर्क करें।


आभार:

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Feb 2025

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